This summer, beat the heat by riding this exotic adventure of an emotional rollercoaster. Pixels of stardust has everything you can relate to but with a touch of magic, pinch of stardust and a little bit of poetry. Indulge in it, and you won’t regret it.
View cart “Mohan Mere Meet (Hindi)” has been added to your cart.
-13%
Back to products
Next product
Consumer Behaviour towards Organic Food Retailing
₹349.00 Original price was: ₹349.00.₹340.00Current price is: ₹340.00.
PIXELS OF STARDUST
₹149.00 Original price was: ₹149.00.₹130.00Current price is: ₹130.00.
- Author:Vandana Pamulaparthy
- Language : English
- Paperback : 74 Pages
- ISBN-13 : 978-93-5842-004-3
- Country of Origin : India
- Publisher : Book Rivers(2 May 2023)
Category: POETRY
Reviews (0)
Be the first to review “PIXELS OF STARDUST” Cancel reply
Related products
Uski Aakar Baaton Main (Hindi)
₹190.00
नमस्कार, वर्ष 1990 के पूर्व से काव्यधाराएँ मुझे अपनी आरे आकर्षित करने लगी थीं। परन्तु उन कविताओं, गीतो ंमें मेरा अपना क्या था, मुझे समझ नहीं आता था। वर्ष 1990 मे ंजब मैं कक्षा 10वीं में अध्ययनरत था उन दिनो ंमंैन ेएक छन्दात्मक कविता जिसका शीर्षक ‘‘सपना‘‘ लिखी और उसी को मैं अपनी पहली रचना मानता हँू। जिसे मेर ेसहपाठी यारों ने खबू सुना व सराहा खास कर वर्तमान में रीवा मे ंरहन ेवाले मेरे मित्र श्री बृजेश अग्निहोत्री को आज भी यह रचना बहुत पसंद है। छन्दात्मक रचनाओ ंके बाद मैंने अतुकांत रचनाएँ भी लिखीं पर समय के परिवर्तन न ेमुझमे ंभी परिवर्तन लाया और मैं गीत, गज़ल आदि भी लिखने लगा। इसी दौरान मैंन ेआकाशवाणी एवं मंचीय कवि सम्मेलनों मे ंकाव्यपाठ किया। उसी समय से प्रदेश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं मे ंमेरी रचनाओं का प्रकाशन होता रहा है। मैं शुरू से ही अपना नाम ‘‘कुमार सागर‘‘ लिखता आ रहा हूँ। मैंने वर्ष 1995-96 मे ं एक अखिल भारतीय कविसम्मेलन (दमोह) में भी भाग लिया, जिसके आयाजेक, संयाजेक व मंचीय कवि कौन-कौन थे मुझे याद नहीं, परन्तु यह याद है कि मंच का संचालन श्री अशाके चक्रधर जी ने किया था एव ंआदरणीय कुमार विश्वास भी उस मंच पर थे। उस समय भी लोग न ेश्री विश्वास जी को बहुत सुनना था, हम लागे ांे न े काव्यपाठ किया। दसू र े दिन तीन-चार कवियांे के बीच समाचार पत्रों में मेरा चित्र भी प्रकाशित हुआ, जिससे काव्य-रचना के प्रति मेरा रूझान और भी बढ़ा।
Main Anjum Hoon (Hindi)
₹249.00
My interactions with Anjum Salman Hussain (a.k.a ‘Appiya’ by her family, friends and anyone who knows her) started two years ago initially with gestures of greeting to each other. Gradually along with just the greeting we started talking about life, politics and her work with Civil Defense. Sometimes we also talked and discussed about the history of India and its people. I am quite inspired; by her outlook on life and her ways of dealing with its complexities. Interacting with her has definitely helped me improve my knowledge and has changed my perspective towards life.
Dhai Akhar (Hindi)
₹179.00
सुबह की धूप का उगना कविता है तो साँझ को सूरज का ढ़लना भी एक कविता है।होली के गीत गाना कविता हो जाता है तो दीवाली के दीपों का प्रज्वलन कविता की सुंदर बानगी है। कविता के अनेक रंग हैए अनेक रूप हैं और अनेक मायने हैं। कविता कभी जीवन का लिबास हो जाती है तो कभी नदी के प्राकृतिक रूप में ढल कर अपने होने का एहसास करा जाती है।दरअसल जिस भी भाव में संवेदना है वह कविता सरीखी हो जाती है। इस कविता संग्रह ढाई आखर के रचनाकार एक नवोदित मगर एक समर्पित भाव के कवि हैं। वे मूलतः छंदों में लिखते हैं। उनके छंद फेसबुक पर फेसबुक के अनेक साहित्यिक समूहों पर धूम मचाते पढ़े जा सकते हैं। संभवतः ऐसा कोई भी रनिंग ग्रुप नहीं होगा जिसमें उनके छंदों का पदार्पण न हुआ हो। बलबीर सिंह वर्मा फेसबुक के कई ग्रुप के चहेते रचनाकार हैं और उनके छंद विभिन्न प्रतियोगिताओं में शताधिक अवार्ड सम्मान पुरस्कार प्रशंसा पत्र सांत्वना पत्र ग्रहण कर चुके हैं और उनकी यह काव्य यात्रा निरंतर बढ़.चढ़कर जारी है।
Sulagte Lafz
₹139.00
Product details
- Publisher : Book Rivers (9 December 2020)
- Language : English
- Paperback : 73 pages
- ISBN-10 : 9388727045
- ISBN-13 : 978-9388727044
- Country of Origin : India
Geetika Gunjan (Hindi)
₹129.00
Product details
- Publisher : Book Rivers (25 August 2020)
- Language : Hindi
- Paperback : 111 pages
- ISBN-10 : 9389914590
- ISBN-13 : 978-9389914597
- Country of Origin : India
- Generic Name : Book
Taaki Sanad Rahe (Hindi)
₹199.00
Product details
- Publisher : Book River (1 January 2021)
- Language : Hindi
- Item Weight : 200 g
- Dimensions : 12 x 2 x 21 cm
- Country of Origin : India
Guldasta-E-Rubayiyaat (Hindi) Hardcover
₹249.00
Product details
- ASIN : B08T5PCWM6
- Publisher : Book River (1 January 2021)
- Language : Hindi
- Item Weight : 350 g
- Dimensions : 12 x 2 x 21 cm
Unmukt Chhand (Hindi)
₹135.00
तीनों रचनाकार नितिन श्रीवास्तव, दुर्गा ठाकरे, दीपक बरनवाल भिन्न भिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं और उनका साथ आकर एक साथ योगदान करके उन्मुक्त छंद की रचना करना अपने आप में एक बहुत ही बड़े सामंजस्य और समझ बुझ का परिचायक है। इनके साथ आने का संयोग अवश्य ही बहुत शुभ था जो कि अंततः उन्मुक्त छंद की प्रणेता बनी। तीनों ने ही अपनी अपनी जीविकोपार्जन के दौरान विभिन्न प्रकार के अनुभवों एवं विभिन्न प्रकार के विद्वानों से तरह तरह से अभिमुख हुए और उन्ही संगतियों और विसंगतियों के बीच बहुत कुछ सीखा और समझा है, हमें अपने विद्वता का दम्भ भरने का साहस कदापि नहीं कर सकते परंतु उन्मुक्त छन्द के द्वारा समाज के समझ अनुभवों को प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं आपको पसंद आएगी। हमारे जीवन में घटित होने वाले घटनाओं से उपजित भावों का संग्रह है, उन्मुक्त छन्द में हमनें सभी तरह के भावों को संजोने का प्रयास किया है चाहे वह प्रेम हो, जीवन पथ में आने वाले तरह तरह के संघर्ष हों, सामाजिक बुराइयों की आलोचना हो, सामाजिक तंत्र से फैली असमानता हो या गुदगुदाते काव्य हों, सभी को हमनें आपके सम्मुख समान भाव से प्रस्तुत करने की चेष्ठा की है। अभी अभी तो उदित हुए हैं, कि, कहीं दूर अनंत है अपना अंत। लक्ष्य एक इस जीवन का, कि, दर्शित काव्य हो हमारा दिग दिगंत। उन्मुक्त छन्द
Reviews
There are no reviews yet.