कई दिनों से मन में विचार आ रहा था, क्यों ना अपनी श्रेष्ठ लघुकथाओं को आपके साथ साझा करूं। इन दिनों कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से बचने के लिए घरों में रहकर कुछ ना कुछ करने की जिज्ञासा सभी के मन में होती है। मेरे मन में ऐसे विचार उजागर हो गए। वह दिन आ गया, इन विचारों को एक किताब में बांधने की कोशिश कर रहा हूं। यह बात मन में केंद्रित हो गई। मुझे अपने प्रकाशित तीन लघु कथा संग्रह- फिर सुबह होगी, पानी रे पानी और तेरी बांसुरी मेरी धुन, मन के स्मृति पटल पर उजागर हो गए। इनमें प्रकाशित सभी लघुकथाएं मेरे मन को बहुत शांति देती हैं, जब मैं इनको पढ़ता हूं। मेरे लिए यह सभी श्रेष्ठ लघु कथाएं हैं। पंख होते लघुकथा संग्रह मेरी नज़र में अच्छा वन पाया है, फैसला अपने करना है।
View cart “Hindi Sahitya Ka Nikash (Hindi)” has been added to your cart.
-6%
Previous product
Back to products
Emerging Business Practices And Trends During COVID-19
₹499.00 Original price was: ₹499.00.₹490.00Current price is: ₹490.00.
Next product
Haso Aur Hsao
₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹140.00Current price is: ₹140.00.
Pankh Hote
₹90.00 Original price was: ₹90.00.₹85.00Current price is: ₹85.00.
- Author: Anil Katoch
- Language : English
- Paperback : 40 pages
- ISBN-13 : 978-93-90548-37-8
- Country of Origin : India
- Generic Name : Short Story
- Publisher : Book Rivers (19 October 2021
Categories: NON-FICTION, Story
Reviews (0)
Be the first to review “Pankh Hote” Cancel reply
Related products
Mere Dil ki Suno(मेरे दिल की सुनो) (Hindi)
'मेरे दिल की सुनो', नीलिमा पाठक पांडेय की व्यक्तिगत जज्बातों के कई रंगो से सृजन किया हुआ एक कविता संग्रह है। उनके अवलोकन और अनुभवों को दर्शाते हुए उनकी ये एक सच्ची कोशिश है। Nilima Pathak Pandey, the author has been true to her observations and experiences to bring you a beautifully sculpted collection of poetry - ' मेरे दिल की सुनो'
Purwaai
₹150.00
हावड़ा मेल अपनी पूरी रफ्तार से चली जा रही थी। निशा आज पूरे एक साल के बाद मायके जा रही थी। उसे पता हंै, कि पापा, बड़ े भईया उसे लने े स्टेशन पर आए ही होगे।ं मांँ बड़ी माँ और भाई-बहनों की पूरी पलटन घर के बाहर वाले बरामदे पर ही खड़ े प्रतीक्षा कर रहे होगे।ं दौड़कर सबसे गले ं मिलूँगी। माँ की ममता भरी गोद और भाई-बहनो ं की चुहल बाजियाँ की याद आत े ही निशी फिर से बचपन की स्मृतियो ं मंे खो ं गई सामने की बर्थ पर पति सुधांशु सोए हुए हंै। खिड़की के पास बैठी निशा अपन े अतीत के पन्नो ं को शनैः शनैः पलटने लगी।
पहला कदम (Pehla Kadam) (Hindi)
₹199.00
पहला कदम नाम कि किताब में प्रिय जनो के लिए कई सारी कविताएं है। लेखिका ने बरेली उत्तर प्रदेश से अपने चाहने वालो के बारे में सभी भावनाओ को कलम बद्घ करने का बीड़ा उठाया है और लेखन की इस दुनिया में उनकी यात्रा कैसे शुरू हुई इसका भी उल्लेख है । यहां इस दुनिया में आम इंसान की तरह सफर तो सभी करते है पर जो आम से खास तक का सफर तय कर के उसे पार कर लेते है वहीं असल मायने में अपनी जंग जीत जाते है कुछ ऐसा ही सफर लेखिका कृतिशा ( चिरैया) ने भी तय किया है। "इस चिरैया को किसी पिंजरे और कैद की जरूरत नहीं क्यूंकि अपनी रियासत की रानी भी यही है, साम्राज्य भी इसका , राज भी और यहां की हुकूमत भी " " शिक्षिका हूं मै किताबो से बढ़कर, ज़िन्दगी सही तरीके से जीना का ढंग सिखा सकती हूं मै इंसान को असल मैयनो में इंसान बना सकती हूं।
Unmukt Chhand (Hindi)
₹135.00
तीनों रचनाकार नितिन श्रीवास्तव, दुर्गा ठाकरे, दीपक बरनवाल भिन्न भिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं और उनका साथ आकर एक साथ योगदान करके उन्मुक्त छंद की रचना करना अपने आप में एक बहुत ही बड़े सामंजस्य और समझ बुझ का परिचायक है। इनके साथ आने का संयोग अवश्य ही बहुत शुभ था जो कि अंततः उन्मुक्त छंद की प्रणेता बनी। तीनों ने ही अपनी अपनी जीविकोपार्जन के दौरान विभिन्न प्रकार के अनुभवों एवं विभिन्न प्रकार के विद्वानों से तरह तरह से अभिमुख हुए और उन्ही संगतियों और विसंगतियों के बीच बहुत कुछ सीखा और समझा है, हमें अपने विद्वता का दम्भ भरने का साहस कदापि नहीं कर सकते परंतु उन्मुक्त छन्द के द्वारा समाज के समझ अनुभवों को प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं आपको पसंद आएगी। हमारे जीवन में घटित होने वाले घटनाओं से उपजित भावों का संग्रह है, उन्मुक्त छन्द में हमनें सभी तरह के भावों को संजोने का प्रयास किया है चाहे वह प्रेम हो, जीवन पथ में आने वाले तरह तरह के संघर्ष हों, सामाजिक बुराइयों की आलोचना हो, सामाजिक तंत्र से फैली असमानता हो या गुदगुदाते काव्य हों, सभी को हमनें आपके सम्मुख समान भाव से प्रस्तुत करने की चेष्ठा की है। अभी अभी तो उदित हुए हैं, कि, कहीं दूर अनंत है अपना अंत। लक्ष्य एक इस जीवन का, कि, दर्शित काव्य हो हमारा दिग दिगंत। उन्मुक्त छन्द
Sooraj ka sakshatkar (Hindi)
₹149.00
यह काव्य संग्रह ‘सूरज का साक्षात्कार’ कवि द्वारा साहित्य रूपी आदित्य का साक्षात्कार करने का द्योतक है। इस संग्रह की अधिकांश रचनाएँ समसामयिक घटनाओं के सूक्ष्मावलोकन से उपजी हैं तो अनेक कविताएँ मानव के सामाजिक राजनैतिक जीवन की परिघटनाओं पर आधारित हैं। रचनाकार ने पूरा प्रयास किया है कि इस संग्रह में हर पाठक वर्ग के लिए कुछ न कुछ रहे; बच्चों के लिए, किशोरों के लिए, युवा हृदयों के लिए, अनुभवी मस्तिष्क के लिए। इस संग्रह में नीति है, नैतिकता है, समाज है, देशभक्ति है, मतदाता है, मजदूर है। एक कविता में दाना माँझी है तो एक अन्य कविता में उम्मीदों के दीप भी हैं।
Kamal Pankh (Hindi)
₹110.00
Product details
- ASIN : B08SMFCSBS
- Publisher : Book River (7 January 2020)
- Language : Hindi
- Country of Origin : India
VIBRATIONS
₹99.00
Product details
- Publisher : Book rivers (31 August 2020)
- Language : English
- Paperback : 52 pages
- ISBN-10 : 9389914833
- ISBN-13 : 978-9389914832
- Country of Origin : India
- Generic Name : Books
SPILLED INK
₹199.00
"Words are, in my not-so-humble opinion, our most inexhaustible source of magic. Capable of both inflicting injury, and remedying it." ~ Albus Dumbledore. Missed opportunities, sleepless nights, unfinished stories, unsent letters and all that amateur minds can bear penned down on paper in this book ,Spilled Ink. Just as the name suggests, when the magic inside your mind finds a way other than your mouth to come out , the ink and paper starts telling stories of you and me. Spilled Ink is an anthology compiled by Disita Sikdar and Shayoni Roy with other 60+ writers, contain poems and stories about individuals , their journeys and things to which we all can relate. This book is about you,me and everyone like us. It's a must read for everyone who wants to sneak inside the minds of people just like them, to read what they were trying to tell themselves for a long time but were not able to.
Reviews
There are no reviews yet.