My interactions with Anjum Salman Hussain (a.k.a ‘Appiya’ by her family, friends and anyone who knows her) started two years ago initially with gestures of greeting to each other. Gradually along with just the greeting we started talking about life, politics and her work with Civil Defense. Sometimes we also talked and discussed about the history of India and its people. I am quite inspired; by her outlook on life and her ways of dealing with its complexities. Interacting with her has definitely helped me improve my knowledge and has changed my perspective towards life.
इस पुस्तक के लेखक दर्शन कुमार वसन का जन्म जम्मू ( जम्मू कश्मीर ) में 1953 में हुआ। 1975 में जम्मू विश्वविद्यालय से कैमिस्ट्री में एम एस सी की। 1976 में भारत सरकार की सेवा में चण्डीगढ़, भुवनेश्वर और लुधियाना में रहे। 2013 में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना कैम्पस में स्थित केन्द्रीय सरकार के भारतीय अनाज संचयन प्रबंधन एवं अनुसंधान संस्थान से सहायक निदेशक के पद पर से सेवा निवृति प्राप्त की। इस से पहले 10 लघु नाटकों का संग्रह " खोये चेहरे का दर्द प्रकाशित हो चुका है।
चाँद को चाँद चाहिए, फिर मैं इक और चाँद कहाँ से लाऊं। इस जहाँ में नामुमकिन है तो, इक नया जहाँ बनाऊं। सुना है तू चैदहवीं का चाँद, तेरे नैनों से नूर बरसता है। चाँद तुझसे शरमाता है, होठों से शुरूर टपकता है।
रश्मि अनंत सूरज की रंग- बिरंगी अनेक किरणों की भाँति 39कवियों की उत्कृष्ट रचनाओं के माध्यम से साहित्य जगत को प्रकाशित कर रही है। कवियों का महासंगम विभिन्नता में एकता का संदेश दे रहाहै। हमें विश्वास है कि एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट रचनाओं से सुसज्जित यह काव्य पुस्तक साहित्य प्रेमियोँ को एक एक कविता का अवलोकन करने को वाध्य कर देगी और उनका भरपूर मनोरंजन करेगी। हमारा सौभाग्य है कि इस कार्य के लिए हमें काव्य मित्रों का भरपूर स्नेह और विश्वास प्राप्त हुआ है जिससे हमें ऐसे कार्य की प्रेरणा मिली।इससे हमें अपनेदायित्व को पूरा करने की ताकत मिली है।
ज़िन्दगी में अगर प्रेम रस को जीवंत करने वाला झूमता गाता वसन्त है, तो तड़प और वेदनाओं से परिपूर्ण बेहद नीरस बना देने वाली बयार भी है। और इनसे जूझने वाली कोशिशें भी । जिसे शक्ति प्रदान करती गजलें। प्रेम मुहब्बत, तड़प और मानवीय पीड़ा को कलात्मक में ढालती गज़ल अपनी सहज और अलंकृत शैली में एक नई शक्ति एक नई ऊर्जा प्रदान कर जाती है
काव्य संग्रह का शीर्षक पिट्ठू गरम है पढ़कर मन में यह जरूर लगेगा कि आखिर इसका अर्थ क्या है किन्तु जब शब्दों की यही सादगी अपने काव्य के लालित्य से आनंद की महक बिखेरती है तो यह चर्चित काव्य संग्रह को पढ़ने मन मचल उठता है। कवि अंकुर सिंह को इस सार्थक और प्रशंसनीय लेखन के लिए हार्दिक बधाई और बहुत सारी शुभकामनाएं।
MYSTICA is a collection of eighty poems from the golden pen of honorable poet Sunita Singh which blossomson the side lines of a Poetic highway of revelations. All real poetic love experience and bit more a whole, embodied, and engaged with in a poetic life journey from the mind- set of an upcoming poet are well crafted in her fabulous, lovely poems in this book of poetry,Mystica.
सुबह की धूप का उगना कविता है तो साँझ को सूरज का ढ़लना भी एक कविता है।होली के गीत गाना कविता हो जाता है तो दीवाली के दीपों का प्रज्वलन कविता की सुंदर बानगी है। कविता के अनेक रंग हैए अनेक रूप हैं और अनेक मायने हैं। कविता कभी जीवन का लिबास हो जाती है तो कभी नदी के प्राकृतिक रूप में ढल कर अपने होने का एहसास करा जाती है।दरअसल जिस भी भाव में संवेदना है वह कविता सरीखी हो जाती है। इस कविता संग्रह ढाई आखर के रचनाकार एक नवोदित मगर एक समर्पित भाव के कवि हैं। वे मूलतः छंदों में लिखते हैं। उनके छंद फेसबुक पर फेसबुक के अनेक साहित्यिक समूहों पर धूम मचाते पढ़े जा सकते हैं। संभवतः ऐसा कोई भी रनिंग ग्रुप नहीं होगा जिसमें उनके छंदों का पदार्पण न हुआ हो। बलबीर सिंह वर्मा फेसबुक के कई ग्रुप के चहेते रचनाकार हैं और उनके छंद विभिन्न प्रतियोगिताओं में शताधिक अवार्ड सम्मान पुरस्कार प्रशंसा पत्र सांत्वना पत्र ग्रहण कर चुके हैं और उनकी यह काव्य यात्रा निरंतर बढ़.चढ़कर जारी है।
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