View cart “CORPORATE SOCIAL RESPONSIBILITY IN INDIAN BANKING INDUSTRY” has been added to your cart.
HOW TO IDENTIFY WOLVES IN SHEEPS’ GARMENTS
₹300.00
Author: Dr. Baker Naloka Frederick
Language : English
paperback : 126 pages
ISBN-13 :978-93-5842-645-8
Country of Origin : India
Publisher : Book Rivers(30th March 2025)
Related products
Changing Scenario of Business and Management
The Govt. of India introduced economically favorable policy for housing in June 2015with a vision to provide shelter for all. There are several projects that were scheduled but could not take off due to the pandemic and the remaining existing ones were halted due to various reasons. Thus, PMAY also faced the brunt of pandemic and this chapter aims at highlighting those limitations and providing future roadmap for PMAY.
Vikas Ka Aadhar Manvadhikar
₹215.00
मानवाधिकार का आधार मानव के सर्वांगीण विकास के लिए साधन
उपलब्ध कराना है। वस्तुतः मानवाधिकार की नींव ऐसे विचारों से
निर्मित है, जिनके अनुसार सभी व्यक्तियों को प्रकृति ने समान रूप से
समान अधिकार प्रदान किए हैं। मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति को जन्म
के साथ ही प्राप्त हो जाते हंै, और मृत्युपर्यन्त तक संरक्षित रहते हैं।
मानवाधिकारो ं की प्राप्ति की एकमात्र अर्हता व्यक्ति का मानव होना है
अर्थात् सम्पूर्ण मानवों को यह अधिकार स्वतः ही प्राप्त हो जाते है।
मानवाधिकार गुण-धर्म, प्रतिभा, बुद्धि आदि ऐसे तत्व हैं, जिनसे वंचित
मानव की तुलना पशु से ही की जा सकती है।
कामकाजी माताएँ एवं किशोर
₹249.00
कुछ शोध परिणामों से यह ज्ञात हुआ है कि व्यवसाय का प्रकार, व्यवसाय की स्थिति/पद तथा माता का व्यवसाय से समझौते का स्तर, माता की क्रियाओं की गुणवत्ता तथा बालकों की देख-रेख के स्तर में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करता है। इस सम्बन्ध में हाॅफमैन (1989) बताते हैं कि व्यवसायरत् माताओं की कि‛ाोर बालिकायें सामाजिक रूप से अपने आपको अधिक समर्थ पाती हैं। उनके आत्मवि‛वास, आत्म उपयुक्ततता एवं स्वतंत्रता की भावना में बढ़ोत्तरी होती है। यही तथ्य बालकों के लिए अलग होता है क्योंकि माताओं का व्यवसायरत् होना कि‛ाोर बालकों पर अलग प्रकार का प्रभाव डालता है। इसके विपरीत बहुत ही सफलतम परिवारों में व्यवसायरत् माताओं के कि‛ाोरों की बुद्धिलब्धि तथा पहचान अधिक उच्च कोटि की होती है। यह विपरीत प्रभाव कई कारणों से प्रभावित होता है।
Apbhransh Sahitya : Ek Anusheelan
₹290.00
PRODUCT DETAILS
- ISBN : 978-93-90548-29-3
- Publisher : Book River (10 March 2021)
- Language : Hindi
- Dimensions : 12 x 2 x 21 cm
- Country of Origin : India
- Pages : 245
CORPORATE SOCIAL RESPONSIBILITY IN INDIAN BANKING INDUSTRY
₹300.00
Initially Indian commercial banks were classified into four core groups viz. State Bank Group (SBG), Nationalized Banks (NBs), Old Private Sector Banks (OPSBs) and New Private Sector Banks (NPSBs). Then one commercial bank was selected from each of the four core groups. The selection of banks from each group was based on a study conducted by IIM-Udaipur along with Economic Times and an independent organization named Futurescape2. Their study identified India‟s top 100 companies for sustainability and CSR.
MOBILE APPLICATIONS DEVELOPMENT
₹589.00
All types of mobile application will utilize a network connection. The developers will createinstallable software, which includes backend services such as accessing of data with an ApplicationProgramming Interface, not only that all the mobile application developers will test the developedapplication in different mobile devices to make sure that it is functioning properly.
RasoiGhar Relish the goodness from simple food habits
Rasoi Ghar is an attempt to give back to society the Satvik recipes of food
that are devoured during the span of nine nights of Navaratri Holy festival of
Hindus celebrated across the nation every year. This volume focuses mainly on
Sharada Navaratri. The Phalahari food culture of during Navaratri ranges from
Drinks, Snacks, Main Course, Breads, Sweets, Raita and Chutney.
भगवतीस्तोत्रावलिः
₹129.00
प्रणाम्!! आप जिस पुस्तक के बारे में प-सजय़ रहे हैं वह एक संस्कृत काव्य है जिसमें भगवती दुर्गा की स्तुतियाँ निहित हैं। यह संस्कृत भाषा की पद्य शैली की रचना है जिसका हिन्दी अनुवाद भी है। संस्कृत में गीत परक रचित काव्य आप पाठक-ंउचयजन को अवश्य आनन्द देने वाला होगा। अतः आपसे सानुरोध निवेदन है कि इस पुस्तक को एक बार अवश्य प-सजय़े। आपके आशीष का आकाँक्षी। धन्यवाद!!
Reviews
There are no reviews yet.